बड़ी खबर : फर्जी लोन के जाल में फंसा किसान, बैंक मैनेजर, फील्ड अफसर और डीलर पर मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस, जानिए क्या है पूरा मामला ?
- By UP Samachaar Plus --
- Tuesday 14 Jan, 2025
- 1571
मुख्य संपादक - ओंकार नाथ वर्मा
UP Samachar Plus
महराजगंज 14 जनवरी। जिले के चौक थाना क्षेत्र के खजुरिया गांव निवासी किसान तारा प्रसाद चौधरी के साथ फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। एक कम्बाइन हार्वेस्टर खरीदने के नाम पर किसान को बैंक मैनेजर, फील्ड अफसर और डीलर ने ठग लिया। किसान ने जब इसकी शिकायत की तो पुलिस ने बैंक मैनेजर रवि मौर्य, फील्ड अफसर आलोक राम और डीलर सन्नू राय के खिलाफ बीएनएस के तहत धारा 420, 406 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक तारा प्रसाद चौधरी ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की दरहटा शाखा के मैनेजर रवि मौर्य और फील्ड अफसर आलोक राम ने उन्हें बलिया जिले के खेजुरी निवासी सन्नू राय, जो ‘नाभा पंजाब एग्रो’ का डीलर है, से कम्बाइन हार्वेस्टर खरीदने की सलाह दी। किसान ने बैंक अधिकारियों और डीलर पर भरोसा करके 10 लाख रुपए नगद और 17 लाख रुपए का लोन लेकर कुल 28.85 लाख रुपए का भुगतान किया।
हालांकि, डीलर ने हार्वेस्टर की डिलीवरी देने में बार-बार टालमटोल किया। किसान के कई बार गुहार लगाने के बावजूद बैंक अधिकारियों और डीलर ने कोई सहयोग नहीं किया।
किसान को धोखाधड़ी का एहसास होने पर उसने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। मामले की जांच सीओ निचलौल को सौंपी गई। जांच में पाया गया कि बैंक मैनेजर रवि मौर्य और फील्ड अफसर आलोक राम ने डीलर सन्नू राय के साथ मिलकर बिना मार्जिन मनी लिए लोन स्वीकृत किया और फर्जी तरीके से पैसे का गबन कर लिया।
जांच के दबाव में आरोपियों ने 15.94 लाख रुपए किसान के लोन खाते में जमा कराए, लेकिन किसान द्वारा दिए गए 11.85 लाख नगद का अब तक कोई हिसाब नहीं मिला।
किसान की शिकायत पर चौक थाना पुलिस ने बैंक मैनेजर रवि मौर्य, फील्ड अफसर आलोक राम और डीलर सन्नू राय के खिलाफ बीएनएस के तहत धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (अमानत में खयानत), और 506 (धमकी देना) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
किसान ने आरोप लगाया कि जब उसने बार-बार अपने पैसे की मांग की, तो आरोपियों ने उसे धमकी दी और कहा कि शिकायत करने से कुछ नहीं होगा, क्योंकि मामला ऊपर तक पहुंच चुका है।
तारा प्रसाद चौधरी ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। उसने कहा कि उसका परिवार कर्ज में डूब गया है और वे मानसिक रूप से परेशान है। किसान ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपने पैसे की वापसी की मांग की है।
किसान ने स्थानीय पुलिस और बैंक अधिकारियों पर मामले को दबाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, मुकदमा दर्ज होने के बाद अब किसान को न्याय की उम्मीद है।

